म्यूचुअल फंड एक ऐसा रास्ता है जिसमें भविष्य के लिए आप उपयुक्त और सुरक्षित ब्याज अर्जित करने के लिए हर महीने एक निश्चित राशि का निवेश करते हैं। तो चलिए अब संक्षेप्तरूप में म्यूचुअल फंड के बारे में जानते हैं। म्यूचुअल फंड ये शेयर बाजार का एक हिस्सा है। फर्क सिर्फ इतना है कि शेयर बाजार में आपको अपना समय निवेश करना होता है और खुद सीखना होता है, और म्यूचुअल फंड में हम किसी प्रमाणित व्यक्ति या प्रमाणित कंपनी के माध्यम से अपना पैसा घुम फिरकर शेयर बाजार में लगा सकते हैं। म्यूचुअल फंड में आम तौर पर हम दो तरह से निवेश कर सकते हैं, Lumpsum और SIP (Systematic Investment Plan )।
म्यूचुअल फंड में पैसा कैसे बढ़ता है?
शेयर बाजार हो या म्यूचुअल फंड, सभी की प्रगति पंजीकृत कंपनी पर निर्भर करती है। जैसे-जैसे कंपनी बढ़ेगी, वैसे-वैसे उनकी बिक्री भी होगी। और अगर बिक्री बढ़ती है तो निश्चित रूप से कंपनी अच्छा लाभ कमा सकती है, और अगर कंपनी लाभ कमाती है, तो उस लाभ का एक छोटा सा हिस्सा उस कंपनी के निवेशकों को ब्याज के रूप में म्यूचुअल फंड के माध्यम से दिया जाता है।
निवेश करना चाहते हैं ! लेकिन सही कंपनी की पहचान कैसे करें?
शेयर बाजार हो या म्यूचुअल फंड एन दोनो में निवेश करते वक्त सबसे पहला सवाल यही उठता है कि किस कंपनी के म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाए। क्योंकि म्यूचुअल फंड में कई कंपनियां रजिस्टर्ड भी होती हैं। तो इन सभी कंपनियों में से सही कंपनी की पहचान कैसे करें इसका जवाब आपको कोई नहीं बताएगा। इसकी वजह है आ
ज के दौर का कॉम्पिटिशन। अगर वह आपको अपना सक्सेस मंत्र बता दे तो आप उससे भी ज्यादा ताकतवर हो जाओगे ऐसा उसे लगता है। इसी कारण से अपने अंदर के गुण कोई किसी को नहीं सिखाता। हाँ ! ऐसी ही है आज के बदलते दौर का नजरिया। तो ये सवाल है ! तो जवाब भी होगा। इसका उत्तर यह है कि हमें इसके बारे में भी पता लगाना होगा। इसे हम कई किताबों से और साथ ही Google देवता के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी निकाल सकते हैं। इसका सीधा सा जवाब है कि आपको उन कंपनियों में निवेश करना चाहिए जिनके उत्पादों या सेवा का आपने अनुभव लिया हो।
शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के मध्यम से भारत देश को कैसे फायदा हो सकता है ?
अब जाहिर सी बात है कि, जैसे-जैसे भारतीय कंपनियां बढ़ेंगी, उस दौरान भारत का आर्थिक विकास भी होगा। यदि हमारा देश आर्थिक रूप से विकसित करना चाहते हो, तो बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटे-छोटे उद्यमियों को अधिक मेहनत देकर अपने शहर का विकास करना होगा। शहर के विकास से राज्य का विकास होगा, और जब राज्य का विकास होगा तो भारत देश का भी विकास होणा निच्चीत है | इसे भारत की वास्तविक प्रगति के रूप में जाना जाएगा |
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड को लेकर लोगों की राय ?
अब आम तौर पर लोग निवेश के बारे में नकारात्मक राय रखते हैं चाहे वह शेयर बाजार हो या म्यूचुअल फंड| उनको अगर पुछो निवेश क्या हैं ? तो उनसे केवल एक ही उत्तर की अपेक्षा की जाती है, शेयर बाजार लोगों को धोखा देता है, इसलिए हम इसमें निवेश नहीं करते हैं। अब हमें उनसे बहस करने की बजाय इस बारे में कुछ जानकारी समझकर बतानी चाहिए। इस दुनिया में हर कोई कुछ नया सीखना चाहता है ! लेकिन यहां सवाल उठता है कि उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है। अगर हम उनके मन से शेयर बाजार के बारे में संदेह को दूर कर दें, तो निश्चित रूप से हम कुछ नया सीखेंगे और अपने देश के निर्माण में एक छोटा सा योगदान करेंगे।
निवेश कैसे शुरू करें?
सब कुछ पढ़ने के बाद आप सोच रहे होंगे कि अब हम कहां से शुरू करें। अगर आप सच में इसके बारे में कुछ सीखना चाहते हैं और पैसा लगाना चाहते हैं तो सबसे पहले उस कंपनी के बारे में कुछ जानकारी जुटा लें। आपको वास्तव में किस कंपनी में निवेश करना चाहिए ? सही कंपनी की नेट वर्थ के बाद हमें यह सोचना चाहिए | इसका भी विचार करे कि हम हर महीने कितना पैसा जमा कर सकते हैं और उसी राशि को म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। यदि हम कुछ वर्षों तक औसतन ऐसा करते हैं, तो निश्चित रूप से हम 40 वर्ष की आयु तक आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकते हैं।
तो सोच क्या रहे हो, आज ही शुरू करें ! और अनुभव ले नये दौर का |
लेखक
प्रथमेश राजू गणेशकर
(बी.कॉम, डी.टैक्स, जी.डी.सी.अँड ए )
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